नि: संतान दम्पतियों व बच्चों के लिए वरदान होगा मेडीसीटी हास्पीटल
नि: संतान दम्पतियों व बच्चों के लिए वरदान होगा मेडीसीटी हास्पीटल
शहर के बेलईसा में समारोह पूर्वक उद्घाटन
जनपद वासियों को मिली अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की सौगात
आजमगढ़। शहर के बेलइसा सब्जी मण्डी के पास मेडीसिटी हास्पीटल का उद्घाटन के साथ जनपद पूर्वांचल के चिकित्सा क्षेत्र का हब बनने की ओर अपना कदम बढ़ा दिया है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मेडीसीटी हास्पीटल नि:संतान दम्पतियों के लिए वरदान साबित होगी। जनपद में बाल रोग विशेषज्ञों की कमी अर्से से महसूस की जा रही थी, इस शुरुआत के साथ यह कमी भी पूरी हो जायेगी।
बुधवार को शहर के बेलइसा में मेडीसीटी हास्पीटल का उद्घाटन समारोह पूर्वक हुआ। चिकित्सक दम्पति डा. मनीष बर्नवाल जहां एमडी पिडियाट्रिक्स हैं वहीं डा. पूनम बर्नवाल एमएस गायनी हैं। चिकित्सक दंपति मूलत: जनपद के फूलपुर तहसील के निवासी हैं। चिकित्सक बन कर देश व समाज सेवा करने का जज्बा संजोयें यह दम्पति देश के कई बड़े शहरों में अपनी सेवायें देने के बाद अपने जनपद के लोगों की आजीवन सेवा करने की ठानी है। इसी सोच व धारणा के साथ बुधवार को बाल रोग विशेषज्ञ डा.मनीष बर्नवाल के वयोवृद्ध पिता व समाजसेवी कृष्णानन्द बर्नवाल ने हास्पीटल का फीता काट कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर संजीव बर्नवाल, राजीव बर्नवाल, सदानन्द बर्नवाल, आशीष बर्नवाल, चर्मरोग विशेषज्ञ डा.पारिजात, डा.एससी गुप्ता, डा.सुधीर सिंह, डा.डीपी राय, डा.दीपक पाण्डेय आदि उपस्थित रहे। डा. मनीष बर्नवाल ने हास्पीटल के बाबत जानकारी देते हुए बताया कि कई बार नवजात व बच्चे उचित चिकित्सा के अभाव में अपना जीवन खो देते हैं, बच्चे अपनी पीड़ा का बयान नही कर पाते। बच्चों की मृत्यु दर कमी करना सरकार की प्राथमिकताओं में से एक हैं इसी उद्देश्य से इस चिकित्सालय में आधुनिक मशीनों से जैसे वार्मर व फोटोथिरैपी की मशीन, अत्याधुनिक एनआईसीयू उपलब्ध कराया गया है। वहीं स्त्री प्रसूति एवं बांझपन रोग विशेषज्ञ डा. पूनम बर्नवाल जो दिल्ली के प्रतिष्ठित मेडिकल कालेज से एमएस गायनी की शिक्षा लेकर वहीं सर गंगाराम हास्पीटल से आईवीएफ तकनीकी का समुचित अध्ययन किया है ने बताया कि नि: संतान होना दम्पतियों के लिए खासा दुखदायक होता है। अज्ञानता व जागरुकता के अभाव में अक्सर इसे लोग भाग्य का लेख समझ छोड़ देते हैं और जिंदगी भर का एक तनाव लेकर जीवन यापन करते हैं । श्रीमती बर्नवाल ने बताया आधुनिक चिकित्सा पद्धति में नि: संतान होने का इलाज मौजूद है। जनपद में ऐसे दम्पतियों की संख्या कम नही हैं जो माता- पिता होने का सुख चाहतें और इलाज के लिए दर-दर भटकते हैं। उपरोक्त सारी समस्याओं का निदान आधुनिक तकनीकी से शहर में अब मेडीसीटी हास्पीटल में होगा।
मेडीसीटी हास्पीटल जनपद के लिए अगले चार दिनों तक अपनी ओपीडी नि:शुल्क रखेगा।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें