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....उनके हर ऐब भी जमाने को हुनर लगते हैं

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उत्तर प्रदेश दिवस पर आयोजित हुये विविध कार्यक्रम राष्ट्रीय बालिका दिवस बनी रंगोली, काव्यगोष्ठी का आयोजन आजमगढ़। उत्तर प्रदेश दिवस पर शनिवार को परिषदीय विद्यालयों में जहां विविध कार्यक्रमों हुये, वहीं डाइट सभागार में राष्ट्रीय बालिका दिवस को समर्पित रंगोली प्रतियोगिता व काव्यगोष्ठी का आयोजन हुआ जिसमें जिले भर अकादमिक रिसोर्स पर्सन शामिल हुये। समारोह की अध्यक्षता डाइट प्राचार्य अमरनाथ राय ने की जबकि एडी बेसिक मनोज मिश्र व जिला बेसिक शिक्षाधिकारी राजीव पाठक मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। समारोह का शुभारंभ प्राचार्य डाइट अमरनाथ राय, एडीबेसिक मनोज मिश्र व जिला बेसिक शिक्षाधिकारी राजीव पाठक  द्वारा दीप प्रज्जवलन से हुआ।  इस अवसर पर आयोजित काव्यगोष्ठी में कई नवोदित कवियों ने जहां अपनी रचनायें सुनाई तो वहीं ऐसे भी कलाकार रहे जिन्होने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कवियत्री सरोज यादव ने सरस्वती बंदना “तार हृयय खोल जननी“ सुनाकर मंत्र मुग्ध कर दिया, इसके बाद जरा सभी की फितरत देखो, भरी दिलों में नफरत देखो सुनाकर वाह वाही लूटी, इसके अतिरिक्त उन्होने एक भोजपूरी रचना सुनाई “कवन जमाना...

गर्व पूर्वक होती है आज स्वदेशी की बात: केशव प्रसाद मौर्य

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विविध विश्वविद्यालयों के कुलपतियो ने दी विकसित भारत की रूप रेखा, दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी सह कार्यशाला का उपमुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन प्रदीप तिवारी की रिपोर्ट आजमगढ़। जनपद मुख्यालय स्थित हरिऔध कला भवन में गुरूवार को ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती सेवा न्यास व महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय एवं अन्य विश्वविद्यालयों के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एक अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी व सहकार्यशाला को संबोधित करते हुये प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पहले स्वदेशी की बात करने में पूर्व की सरकार मेें बैठे लोग शर्म महसूस करते थे, आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों या प्रदेश के मुख्यमंत्री सभी लोग स्वदेशी की बात गर्व पूर्वक करते हैं। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने हमे विकसित भारत बनाने का लक्ष्य दिया है लेकिन विकसित भारत बनाने का कार्य हम सबको मिल कर करना होगा।   उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य ब्रह्मर्षि स्वामी सहजानंद सरस्वती सेवा न्यास, महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़, यूनिवर्सिटी ऑफ अग्दर नॉर्वे, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली, अमरकंटक केंद्रीय ...

एक ऐसा विद्यालय जहां स्वीमिंग पुल में नहाते हैं बच्चे और दूरबीन से निहारते हैं चांद को

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एक ऐसा विद्यालय जहां स्वीमिंग पुल में नहाते हैं बच्चे और दूरबीन से निहारते हैं चांद को  अजमतगढ़ शिक्षा क्षेत्र के दाम महुला में स्थित परिषदीय विद्यालय बना चर्चा का विषय सीसी कैमरे से घर बैठे अभिभावक देख लेते हैं बच्चों का हाल प्रदीप तिवारी  आजमगढ़। सगड़ी तहसील के अजमतगढ़ शिक्षा क्षेत्र  में एक ऐसा भी विद्यालय है जहां के बच्चे स्वीमिंग पुल में नहाते हैं और दूरबीन से चांद की धरती को निहारते हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं प्राथमिक विद्यालय दाम महुला की, इन दिनों यह विद्यालय का चर्चा का विषय बना हुआ है।  उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद के तहत संचालित होने विद्यालयों में नित नये नवाचार देखने को मिल रहे हैं। सरकार विद्यालयों की हालत दुरूस्त करने के लिये जहां विकास विभाग की मदद से कायाकल्प योजना चला रही है, वहीं शिक्षा की गुणवत्ता बनाये रखने के लिये भारत सरकार के निपुण मिशन को युद्धस्तर पर क्रियाशील किये हुये है।  उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद में कुछ ऐसे अध्यापक हैं जो परिषदीय विद्यालयों की गरिमा को बनाये रखने के लिये दिन  रात मेंहनत कर रहे हैं, उनकी मेंहनत विद्य...

मुझे तो आखिरी घर तक दिया जलाना है

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बदलाव इस विद्यालय के आगे कॉन्वेंट भी शर्माते हैं बासूपार बनकट का प्राथमिक विद्यालय बना रोल माडल प्रधान व प्रधानाध्यापक ने मिलकर बदली सूरत प्रदीप तिवारी आजमगढ़। किसी की जिद और अपने लक्ष्य के प्रति जुनून क्या कुछ नही करवा सकता यह एहसास होता है उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के एक स्कूल प्राथमिक विद्यालय बासूपार बनकट को देखकर। गांव की महिला प्रधान व उनके पति तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित पूरे स्टाफ ने कायाकल्प नही पूरे विद्यालय की काया ही पलट कर दी, जिसे देखते ही हर कोई कह उठता है साहब ! इस स्कूल ने तो कान्वेंट विद्यालयों को पीछे छोड़ दिया है।    सगड़ी तहसील के मुख्यालय से लगभग 1 किलोमीटर के अंदर ही बासूपार गांव की सरहद शुरू हो जाती है लेकिन यह गांव अपने बुनियादी विकास से कोसो दूर था। पूरे गांव की आबादी लगभग 200 घरों की है, बहुतायत मुस्लिम और अनुसूचित जाति के परिवार हैं। आज से तीन साल पहले की बात करें तो गांव के हर घर के बाहर एक छोटा गड्ढा होता था जिसमें घर का गंदा पानी इकट्ठा होता था और लोग उसे रोज उलीचा करते थे। पूरा गांव गंदगी से जूझता हुआ जल निकासी की समस्या से बजबजाता रहत...

" अधूरा मन "

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                                          सितम्बर महीने का आखिरी समय चल रहा था, लौटते हुये मानसून की आखिरी बरसात हो रही थी, आसमान में छाये बादल और उनसे बरस रही बूंदें रह -रह के तेज और धीमी हो रही थीं, साथ में हवा के झोंकें पूरे मौसम को सुहावना बनाये हुये थे। समीर ने अपने लैपटाप को खोला और उसकी उंगलियां की बोर्ड पर चलने लगीं जिसके साथ ही नोटबुक पर कुछ छपने लगा था। स्पाटीफाई पर तलत अजीज और लता मंगेशकर की आवाज में एक गजल ....फिर छीड़ी रात बात फूलों की ़़़़़़़़़़़़़़़़़़........ अपनी मधूर स्वर लहरियां बिखेर रहीं थी। सर्द हवा जब भी समीर के बदन से टकराती उसे बहुत अच्छा लगता। थोड़ी देर आफिस का काम निपटाने के बाद उसने अपनी मोबाइल खोल ली, जैसे ही उसने अपना व्हाट्सएप खोला, चारू के कई मैसेज पड़े हुये थे।  “तुम्हे मेरा हाल पूछना हो तो खुद ही पूछ सकते हो किसी दूसरे से पूछने की कोई जरूरत नही हैं“। चारू के इस मैसेज को पढ़ के समीर के चेहरे पर मुस्कुराहट आ चुकी थी वो समझ चुका था कि चारू का गुस्सा ना...

आस्था का ज्वार हिलोरे लेता है तो निकलती है ऐसी शिव बारात

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नगर पंचायत जीयनपुर में महा शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं मे उत्साह हाथी, घोड़े से सजी बारात में भूतों ने दिखाये करतब सगड़ी । सगड़ी तहसील के जीयनपुर नगर पंचायत में शिवरात्रि का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया गया, सुबह सबेरे से ही जहां शिव मंदिरों में महादेव के जलाभिषेक के लिये भीड़ उमड़ी रही तो अपराह्न निकली शिव बारात पूरे नगर का भ्रमण कर शाम तक प्राचीन शिव मंदिर पर पहुंची। बारात के दौरान विविध झााकियों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जगहं-जगहं नगर वासियों और दुर्गा पूजा समितियों द्वारा बारातियों के लिये नाश्ते व जलपान की व्यवस्था रही, ढोल, नगाड़े, हाथी, घोड़े, भूत प्रेत से सजी ऐसी बारात तभी निकलती है जब आस्था का ज्वार हिलोरे लेता है।  जीयनपुर नगर पंचायत के मुख्य बाजार स्थित प्राचीन शिव मंदिर, समता नगर बाबा विश्वनाथ मंदिर, व बासदेव स्थान पर महादेव के जलाभिषेके लिये गुरूवार को सुबह से महिलाओं, कन्याओं व श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। सब ने बेलपत्र, धतूरा, भांग, अबीर इत्र आदि चढ़ाकर देवाधिदेव से आर्शीवाद मांगा। मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही। मंदिरों को परम्परागत तरीके से सजाया गया था। अ...

”प्रेमचंद का अधूरा सम्मान”

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                     पंडित नगीना स्मारक महाविद्यालय                                                  जोकहरा आजमगढ़                          (सम्बद्ध:उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन , मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज)                                                  लघु शोध प्रबंध  एम.ए. द्वितीय वर्ष तृतीय सेमेस्टर हिंदी विषय से स्नातकोत्तर उपाधि की आंशिक पूर्ति हेतु प्रस्तुत शोध रिपोर्ट   सत्र: 2024 -25                                       ''प्रेमचंद का अधूरा सम्मान”    निर्देशक         ...