मार्सवन मिशन के संभावितों में आजमगढ़ का जीनियस भी डा. भूपेंद्र सिंह हैं सगड़ी तहसील के छपरा के निवासी 28 नवम्बर को डा.भूपेंद्र सिंह का नाम प्रकाश के वेग से भे जा गया मंगल ग्रह को
मार्सवन मिशन के संभावितों में आजमगढ़ का जीनियस भी
डा. भूपेंद्र सिंह हैं सगड़ी तहसील के छपरा के निवासी
28 नवम्बर को डा.भूपेंद्र सिंह का नाम प्रकाश के वेग से भे जा गया मंगल ग्रह को
आजमगढ़। इस खित्तये आजमगढ़ को फैजाने तजल्ली है जो जर्रा यहां से उठता है वह नैयरे आजम होता है। जनपद की माटी की तासीर ही ऐसी है कि यहां कि प्रतिभायें विश्वस्तर पर अपना और अपने देश का नाम रौशन करती हैं। जनपद के एक जीनियस डा. भूपेंद्र सिंह मार्स वन मिशन के लिए अब तक सलेक्ट किये गये 663 एस्ट्रोनाट में से एक हैं। पूरे विश्व से महज 24 लोगों को सलेक्ट किया जायेगा जो क्रमवार मंगल ग्रह पर बसने वाली कालोनी के लिए क्रम से हर दूसरे वर्ष भेजे जायेगें। नासा के पहले मार्स मिशन नासा मार्नियर 4 जो 28 नवम्बर 1964 को प्रारम्भ हुआ था के पचास साल पूरे होने के उपलक्ष्य में डा. भूपेंद्र का नाम रेडियो के द्वारा प्रकाश के वेग से मंगल ग्रह के लिए भेजा गया है।
मार्सवन मिशन के संस्थापक डच कारोबारी बास लैंसडार्प हैं। मंगल ग्रह पर जाने वहां कालोनी बसाने के इस योजना के लिए इस अभियान के संचालकों के आह्वाहन पर पूरी दुनिया से 202586 आवेदकों के नाम प्राप्त हुए थे। प्रथम व द्वितीय चरण के इंटरव्यू व मेडिकल के बाद महज 663 आवेदक चयनित किये गये हैं। इन चयनितों में आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील के छपरा गांव निवासी डा. भूपेंद्र सिंह भी हैं। 21 वीं सदी की सबसे बड़ी कल्पना मंगल पर मानव के प्रवास को साकार करने के लिए बनी इस योजना में 2023 तक चार यात्रियों को मंगल ग्रह पर उतारने का लक्ष्य है जिसमें 6 बिलियन डालर खर्च होने का आकड़ा रखा गया है। 35 वर्षीय डा. भूपेंद्र सिंह बचपन से ही प्रतिभावान रहे है। स्मिथ इंटर कालेज अजमतगढ़ से इंटरमीडिएट व शिब्ली कालेज से बी.एससी करने वाले भूपेंद्र ने एम.एससी फिजिक्स के अतिरिक्त बीएड,एमएड व एम फिल व पीएचडी भी हैं। इस मिशन में चयन होने के मूल कारण को बताते हुए वह कहते हैं कि अगर मंगल ग्रह पर जाकर बसने वाले प्रथम चार में वह शामिल होते हैं तो एक भारतवासी मंगल पर प्रवास करने वाला पहला भारतीय होगा। डा. भूपेंद्र की इस सफलता पर उनके शुभचिंतकों में हर्ष है साथ ही उनके अगले 24 जनवरी को होने वाले इंटरव्यू के लिए लोगों ने शुभकामनाएं भेजनी शुरु कर दी है ।
डा. भूपेंद्र सिंह हैं सगड़ी तहसील के छपरा के निवासी28 नवम्बर को डा.भूपेंद्र सिंह का नाम प्रकाश के वेग से भे जा गया मंगल ग्रह को
आजमगढ़। इस खित्तये आजमगढ़ को फैजाने तजल्ली है जो जर्रा यहां से उठता है वह नैयरे आजम होता है। जनपद की माटी की तासीर ही ऐसी है कि यहां कि प्रतिभायें विश्वस्तर पर अपना और अपने देश का नाम रौशन करती हैं। जनपद के एक जीनियस डा. भूपेंद्र सिंह मार्स वन मिशन के लिए अब तक सलेक्ट किये गये 663 एस्ट्रोनाट में से एक हैं। पूरे विश्व से महज 24 लोगों को सलेक्ट किया जायेगा जो क्रमवार मंगल ग्रह पर बसने वाली कालोनी के लिए क्रम से हर दूसरे वर्ष भेजे जायेगें। नासा के पहले मार्स मिशन नासा मार्नियर 4 जो 28 नवम्बर 1964 को प्रारम्भ हुआ था के पचास साल पूरे होने के उपलक्ष्य में डा. भूपेंद्र का नाम रेडियो के द्वारा प्रकाश के वेग से मंगल ग्रह के लिए भेजा गया है।
मार्सवन मिशन के संस्थापक डच कारोबारी बास लैंसडार्प हैं। मंगल ग्रह पर जाने वहां कालोनी बसाने के इस योजना के लिए इस अभियान के संचालकों के आह्वाहन पर पूरी दुनिया से 202586 आवेदकों के नाम प्राप्त हुए थे। प्रथम व द्वितीय चरण के इंटरव्यू व मेडिकल के बाद महज 663 आवेदक चयनित किये गये हैं। इन चयनितों में आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील के छपरा गांव निवासी डा. भूपेंद्र सिंह भी हैं। 21 वीं सदी की सबसे बड़ी कल्पना मंगल पर मानव के प्रवास को साकार करने के लिए बनी इस योजना में 2023 तक चार यात्रियों को मंगल ग्रह पर उतारने का लक्ष्य है जिसमें 6 बिलियन डालर खर्च होने का आकड़ा रखा गया है। 35 वर्षीय डा. भूपेंद्र सिंह बचपन से ही प्रतिभावान रहे है। स्मिथ इंटर कालेज अजमतगढ़ से इंटरमीडिएट व शिब्ली कालेज से बी.एससी करने वाले भूपेंद्र ने एम.एससी फिजिक्स के अतिरिक्त बीएड,एमएड व एम फिल व पीएचडी भी हैं। इस मिशन में चयन होने के मूल कारण को बताते हुए वह कहते हैं कि अगर मंगल ग्रह पर जाकर बसने वाले प्रथम चार में वह शामिल होते हैं तो एक भारतवासी मंगल पर प्रवास करने वाला पहला भारतीय होगा। डा. भूपेंद्र की इस सफलता पर उनके शुभचिंतकों में हर्ष है साथ ही उनके अगले 24 जनवरी को होने वाले इंटरव्यू के लिए लोगों ने शुभकामनाएं भेजनी शुरु कर दी है ।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें