आजमगढ़िये के गीत पर बर्लिन में थिरके फिरंगी

आजमगढ़िये के गीत  पर बर्लिन में थिरके फिरंगी
65 वें बर्लिन फिल्म महोत्सव में द ग्रैंड  प्रिक्स पुरस्कार जीतने वाली 'धनक'
आजमगढ़। एक आजमगढ़िये के गीतों पर अगर फिरंगी थिरक रहें हों सोचिये कैसा शानदार नजारा रहा होगा वह। जी हां यह हुआ है 65 वें बर्लिन फिल्म महोत्सव 'बर्लिनाले' में । दुनिया के सबसे बड़े फिल्म महोत्सव में प्रसिद्ध फिल्मकार नागेश कुकुनूर की फिल्म धनक की स्क्रीनिंग व वर्ल्ड प्रीमियर हुआ ही साथ ही इस फिल्म ने द गैं्रड प्रिक्स पुरस्कार जीता है। इस फिल्म के एक मात्र गीत के बोल लिखे हैं आजमगढ़ के मनोज यादव ने। मनोज यादव के गीतों पर बर्लिन व बर्लिन में जुटे लोग थिरक उठे।
आजमगढ़ जनपद के सगड़ी तहसील के भरौली गांव निवासी मनोज यादव वही  मनोज यादव ने जिन्होने विश्वकप 2011 का प्रमोशन सांग दे घुमा के लिखकर प्रसिद्धी हासिल की थी। नागेश कुकुनूर के साथ मनोज की यह दूसरी  फिल्म थी। इसके पहले वह लक्ष्मी फिल्म में एक साथ काम कर चुके थे। 'धनक' फिल्म की कहानी एक दस साल की राजस्थानी लड़की के इर्द गिर्द घूमती है जिसका भाई नेत्रहीन है जो आठ साल का है। उसकी बहन ने कह रखा है कि जब वह नौ साल का हो जायेगा तब उसकी दृष्टि लौट आयेगी।  लड़का नौ साल का होने जा रहा है अब उसकी बहन परेशान है । नागेश के आमंत्रण पर मनोज ने इस फिल्म के लिए गीत लिखे। बीते 5 फरवरी से 15 फरवरी तक जर्मनी के बर्लिन में आयोजित 65 वें फिल्म महोत्सव में जिसे दुनिया के सबसे बड़े फिल्म महोत्सव में शुमार किया जाता है में जब बर्लिनाले की वेबसाइट पर धनक की टिकटें खरीदने के लिए खिड़की खुली तो महज आधे घंटे में सभी  टिकट बिक चुके थे। इस फिल्म महोत्सव में 124 देशों से लगभग 20 हजार से ज्यादा लोग पहुंचते हैं। नागेश की फिल्म धनक ने बेस्ट फीचर फिल्म के लिए द ग्रैंड प्रिक्स पुरस्कार जीता है पुरस्कारों की घोषणा शनिवार को हुई।  फिल्म को चिल्ड्रेंस  ज्यूरी का एक प्रशंसापत्र भी  दिया गया है। यह फिल्म समारोह के जेनरेशन के-प्लस कार्यक्रम में आमंत्रित की गई थी। इस फिल्म के एक मात्र गीत
जीने से भी  ज्यादा जियें,
उड़ानों से भी  आगे उड़ें,
ख्वाइशें आसमानी,
जिंदा है उम्मीदें तो फ्रिक क्या'
को मनोज यादव ने लिखा है। फिल्म महोत्सव में जब यह गीत बजा तो फिरंगी थिरक उठे। एक आजमगढ़िये के लिए इससे बड़ी खुशी की बात क्या हो सकती है जिसके बोल पर दुनिया भर के फिरंगी नाच रहे हों। गीत के बोल दुनिया भर में पंसद किये जा रहे हैं। फिल्म महोत्सव में अपार सफलता के बाद अब भारत में इस फिल्म का इंतजार किया जा रहा है।

फोटो :: मनोज यादव
आज हमारे इश्क ने हमसे इश्क जताया है : मनोज
मनोज यादव ने कहा कि फिल्म को यह पुरस्कार वैलेंटाइन डे के दिन मिला। मेरे लिए यह खुशी की बात है मेरे पहला प्यार जिसे मैं गीत कहता हूं ने मुझकों तोहफा दिया है । दुनिया भर के लोग इस गीत के बोल को पसंद कर रहे हैं। मैं इसके लिए अपनी पूरी टीम का आभार प्रकट कर रहा हूं । मैं अपने जनपदवासियों का शुक्रगुजार हूं जिन्होने मुझे हमेशा कुछ अच्छा करने का हौसला दिया है।

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