बराक ओबामा के आगमन का होगा विरोध
बराक ओबामा के आगमन का होगा विरोध
24 को निकालेंगे प्रतिवाद मार्च
आजमगढ़। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे वामपंथी दलों, सीपीआई, सीपीआईएम, सीपीआई माले के नेताओं के विरोध के स्वर पूर्वांचल के जनपद मुख्यालयों पर सुनाई देने लगी है। जनपद आजमगढ़ के मुख्यालय पर जुटे वामपंथी दलों, सीपीआई, सीपीआईएम, सीपीआई माले के नेताओं ने सोमवार को बराक ओबामा को दुनियां में वर्चस्व कायम करने, राष्ट्रों की स्वतंत्रता, सम्प्रभुता को ध्वस्त करने, विश्व भर में मानव संसाधन और प्राकृतिक संपदा पर कब्जा करने के नापाक उद्देश्य का आपराधिकतौर पर पूरा करने में तल्लीन अमेरिकी साम्राज्यवाद का सरगना बताया।
भाकपा के इम्तियाज बेग, भा कपा माले के जयप्रकाश नारायण, सीपीएम के जिया लाल सहित पूर्व विधायक कामरेड रामजग, अफजल हुसेन, गुलाब मौर्य आदि ने बराक ओबामा को भारत आमंत्रित करके उन्हें भारतीय स्वतंत्रता, संप्रभुता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रतीक गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनाये जाने के फैसले पर गंभीर चिंता व्यक्त की गयी। आजमगढ़ में जुटे नेताओं ने इस फैसले को भारतीय गणतांत्रिक व्यवस्था और भारतीय राष्ट्र की संप्रभुता के लिए अशुभ संकेत बताया। उनका कहना था कि जिस अमेरिकी साम्राज्यवाद ने दुनिया में राष्ट्रों की संप्रभुता को ध्वस्त किया है, जो आज भी लीबिया, सीरिया, इराक, इरान, अफगानिस्तान सहित भारतीय उप महाद्वीपों में अपनी विध्वंसकारी कार्यवाही जारी रखे हुए है वह भारत को कहां तक बख्श सकता है। इनका कहना था कि भाजपा की मोदी सरकार कट्टरपंथी हिन्दूवादी ताकतों को बढ़ावा दे रही है जो अमेरिका इजराइली धुरी को अपने जन्मकाल से ही कट्टर समर्थक रही है। वह ओबामा को गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि बनाकर हमारे स्वतंत्रता आंदोलन की साम्राज्यवाद विरोधी विरासत के साथ विश्वासघात कर रही है। इसलिए हम सभी वामपंथी दल ओबामा को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनाये जाने और अमेरिका के साथ होने वाले समझौतों का तीव्र विरोध करते हैं। इस उद्देश्य से 24 जनवरी को इस यात्रा के विरोध में होने वाले राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध के साथ अपनी एक जुटता प्रकट करते हुए 24 जनवरी को आजमगढ़ कलेक्ट्री कचहरी पर प्रतिवाद मार्च निकालेंगे।
24 को निकालेंगे प्रतिवाद मार्च
आजमगढ़। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे वामपंथी दलों, सीपीआई, सीपीआईएम, सीपीआई माले के नेताओं के विरोध के स्वर पूर्वांचल के जनपद मुख्यालयों पर सुनाई देने लगी है। जनपद आजमगढ़ के मुख्यालय पर जुटे वामपंथी दलों, सीपीआई, सीपीआईएम, सीपीआई माले के नेताओं ने सोमवार को बराक ओबामा को दुनियां में वर्चस्व कायम करने, राष्ट्रों की स्वतंत्रता, सम्प्रभुता को ध्वस्त करने, विश्व भर में मानव संसाधन और प्राकृतिक संपदा पर कब्जा करने के नापाक उद्देश्य का आपराधिकतौर पर पूरा करने में तल्लीन अमेरिकी साम्राज्यवाद का सरगना बताया।
भाकपा के इम्तियाज बेग, भा कपा माले के जयप्रकाश नारायण, सीपीएम के जिया लाल सहित पूर्व विधायक कामरेड रामजग, अफजल हुसेन, गुलाब मौर्य आदि ने बराक ओबामा को भारत आमंत्रित करके उन्हें भारतीय स्वतंत्रता, संप्रभुता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रतीक गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनाये जाने के फैसले पर गंभीर चिंता व्यक्त की गयी। आजमगढ़ में जुटे नेताओं ने इस फैसले को भारतीय गणतांत्रिक व्यवस्था और भारतीय राष्ट्र की संप्रभुता के लिए अशुभ संकेत बताया। उनका कहना था कि जिस अमेरिकी साम्राज्यवाद ने दुनिया में राष्ट्रों की संप्रभुता को ध्वस्त किया है, जो आज भी लीबिया, सीरिया, इराक, इरान, अफगानिस्तान सहित भारतीय उप महाद्वीपों में अपनी विध्वंसकारी कार्यवाही जारी रखे हुए है वह भारत को कहां तक बख्श सकता है। इनका कहना था कि भाजपा की मोदी सरकार कट्टरपंथी हिन्दूवादी ताकतों को बढ़ावा दे रही है जो अमेरिका इजराइली धुरी को अपने जन्मकाल से ही कट्टर समर्थक रही है। वह ओबामा को गणतंत्र दिवस का मुख्य अतिथि बनाकर हमारे स्वतंत्रता आंदोलन की साम्राज्यवाद विरोधी विरासत के साथ विश्वासघात कर रही है। इसलिए हम सभी वामपंथी दल ओबामा को गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनाये जाने और अमेरिका के साथ होने वाले समझौतों का तीव्र विरोध करते हैं। इस उद्देश्य से 24 जनवरी को इस यात्रा के विरोध में होने वाले राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध के साथ अपनी एक जुटता प्रकट करते हुए 24 जनवरी को आजमगढ़ कलेक्ट्री कचहरी पर प्रतिवाद मार्च निकालेंगे।
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