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तीन दिनों तक योग सरिता में डूबेगा जनपद

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बाबा रामदेव के आगमन को भव्य रूप देने में जुटे साधकगण तहसील स्तर पर भी आयोजित होगें शिविर, बच्चों और महिलाओं से होंगे रूबरू आजमगढ़। योग गुरू स्वामी रामदेव आगामी 16 से 18 मई तक जनपद के अपने प्रवास के दौरान निशुल्क योग चिकित्सा व ध्यान शिविर का आयोजन करेंगें। बाबा रामदेव के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। हरिद्वार से आये हुए साधकगणों की टीम योग से निरोग के अभियान को सफल कराने के लिये जी जान से जुटी हुई हैं। योग गुरू स्वामी रामदेव पूर्वांचल के अपने इस दौरे में योग सरिता का प्रवाह करेंगें। योग शिविर का आयोजन 16 से 18 मई तक जनपद मुख्यालय के आई टी आई ग्राउंड में सुबह 5 बजे से साढे़ सात बजे तक किया जायेगा। इस दौरान निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन भी कियाा जायेगा जिसमें पीड़ित योग सलाह व आयुर्वेद की प्राचीन परम्पराओ से असाध्य रोगों को भी ठीक कर सकेंगें। भारत स्वाभिमान न्यास, पतंजलि योग समिति, महिला पतंजलि योग समिति, पतंजलि किसान सेवा समिति, युवा भारत के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए तैयारियां जोरों पर चल ...

हरिशंकर देंगें सगड़ी की राजनीति को नया आयाम

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जनवादी कार्यों ने बनाया लोकप्रिय हरिशंकर यादव को सम्मानित करते पंडित रविदत्त एजुकेशनल समिति के सदस्य  पांच साल के विकास कार्य बनाम पांच माह ने किया चर्चित आजमगढ़। जनपद की सगड़ी तहसील के नगर पंचायत जीयनपुर के नवनिर्वाचित चेयरमैन ने सगड़ी विधानसभा के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छा जाहिर करते हुए यह प्रण किया है कि अगर अवसर मिला तो सगड़ी की दसा और दिशा बदलने का पूरा प्रयास करूंगा। अल्प समय में ही अपने कार्यों से चर्चा में आये हरिशंकर यादव ने अपनी मंशा जाहिर करते हुए कि सगड़ी उनकी मातृभूमि और कर्मभूमि है यहां के विकास के लिए कार्य करने की उनकी दिली इच्छा है।  नगर पंचायत अध्यक्ष हरिशंकर यादव को सम्मानित करती महिला मण्डल की सदस्य नगर के सफाई बेड़े में शामिल किये गये नव वाहनों का  उद्घाटन करते हरिशंकर यादव श्री गांधी पी जी कालेज मालटारी से छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने जाने के बाद से लगातार चर्चा में रहने वाले युवा नेता हरिशंकर यादव जुझारू तेवर के नेता माने जाते हैं। जीयनपुर नगर पंचायत के चुनाव में सत्ताधारी बीजेपी सहित सपा और बसपा के प्रत्याशियों को काफी पीछे धकेलते हु...

आखिर कब लेगें सुध गोगा और भीखी की कुर्बानी का ?

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1857 की क्रांति के नायक वीर कुवर सिंह की मदद के बदले मिली थी कालापानी की सजा राजनीतिज्ञों  और प्रशासन ने भुलाया वंशज कर रहे मंदिर और ऐतिहासिक सुरंग की देखभाल आजमगढ़। ब्रिटिश हुकूमत की गुलामी में जकड़ी भारत माता की आजादी के लिए कई लड़ाईयां लड़ी गई। इतिहास प्रसिद्ध 1857 की क्रांति का जिक्र जब आता है तो आजमगढ़ जनपद के लोगों को खुद पर गर्व होने लगता है। इस क्रांति में जनपद के लोगों ने सीधे प्रतिभाग किया था। परंतु जिस शख्स ने आजमगढ में क्रांति की मशाल जलाई वो थे वीर कुंवर सिंह । जगदीशपुर के राजपूत जमींदार कुंवर साहब ने न केवल अंग्रेजों की नाक में दम कर रखा था, वरन अपनी हवेली में स्थापित बन्दूकों व गोलों के कारखाने से क्रांतिकारियों की मदद भी करते थे। चार हजार सैनिकों की सहायता से कुंवर सिंह ने आरा बिहार पर कब्जा कर लिया । अंग्रेजों की दमनात्मक कार्रवाई से कुंवर सिंह जरा सा भी विचलित नही हुए अंग्रेजों की विशाल फौज ने पहले आरा फिर जगदीशपुर पर कब्जा कर लिया तथा कुंवर सिंह के कारखाने को नष्ट कर दिया। परिस्थितियों से घिरे कुंवर साहब तात्या टोपे से सम्पर्क करने के बाद लखनऊ पहुचे जहां अवध के श...

हे! तमसे तेरा उद्धार न हो

.. नागरिक अपने घर से आज यूं ही टहलते हुए निकला तो कानों में रामचरित मानस की संगीतमयी ध्वनि मंगल भवन अमंगल हारी द्रवहु सो दशरथ अजिर बिहारी सुनकर प्रसन्न हो गया। इस चैपाई को मन ही मन दोहराते -दोहराते नागरिक की विचार श्रृंखला रामचरित मानस, गोस्वामी तुलसीदास, रामायण के रचयिता आदि कवि वाल्मीकि से होते हुए पवि़त्र नदी तमसा तक पहुंच गयी क्योंकि यही वह नदी थी जिसके तट पर विहार कर रहे क्रौंच पक्षी के जोड़े में से बहेलिये द्वारा एक की हत्या पर आर्द्र होकर वाल्मीकि के मुख से संस्कृत का पहला श्लोक फूट पड़ा था। नागरिक मन ही मन मगन हुआ कि उसे इसी पवित्र तमसा के तट पर रहने का सौभाग्य प्राप्त है, उसने सोचा चलो आज उसी पवित्र तमसा के दर्शन क्यों न किया जाय।  टहलते कदमों से बढ़ चला नागरिक तमसा की ओर मन ही मन तमसा के रूप, लावण्य और प्रवाह को सोचते जैसे ही नागरिक तमसा के तट पर पहंुचा तो हर युग में अपने पवित्र जल से जन-जन को तारने वाली पवित्र तमसा का हाल देखकर भौचक रह गया। मल, मूत्र से बजबजाती तमसा को देख नागरिक को उबकाई आ गयी। वह सोच-सोच कर परेशान हो गया कि क्या यह वही देवी स्वरूपा तमसा है जिसके किनारे...

नीट में चयनित हुए विश्वमित्र, खुशी

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पिता व दादा जी की तरह करना चाह रहे नर सेवा एक लक्ष्य व कडे़ परिश्रम से मिली सफलता आजमगढ। सगड़ी तहसील के जीयनपुर नगर पंचायत निवासी डा. नरेंद्र त्रिपाठी के छोटे पु़त्र विश्वमित्र त्रिपाठी का चयन नीट मंे होने से खुशी की लहर दौड़ गयी। बचपन से प्रतिभावान विश्वमित्र के चयनित होने पर लोगों ने बधाईयां दी । जीयनपुर नगर पंचायत निवासी पेशे से चिकित्स डा. नरेंद्र त्रिपाठी के सबसे छोटे पु़त्र विश्वमित्र त्रिपाठी का बचपन से ही यह सपना था कि वह चिकित्सक बन पिता की तरह जनसेवा करे। नर सेवा नारायण सेवा का सुत्र मानकर कार्य करने वाले विश्वमित्र के दादा डा. विजय बहादुर ़ित्रपाठी भी ग्रामीण अंचल में चिकित्सा का कार्य सेवा के भाव से ही करते रहे। अपने दादा व पिता के कार्यों से प्रेरणा लेकर विश्वमि़त्र भी चिकित्सक बनना चाह रहे थे। एक लक्ष्य बनाकर उन्होने प्रयास किया। विश्वमित्र की प्राथमिक शिक्षा चिल्ड्रेन सीनियर सेकेण्डरी आजमगढ़ से इसके उपरांत हाईस्कूल की परीक्षा डीपीएस काशी से उत्तीर्ण की। विश्वमित्र ने इण्टरमीडियेट  की परीक्षा लगभग 94 प्रतिशत के साथ डीपीएस काशी को टाप किया। प्रथम प्रयास में विश्वमि़...

पर्यावरण दिवस पर सम्मानित किये गये इफ्तेखार आजमी

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स्कूलों व सार्वजनिक जमीनों पर करते हैं पौधरोपड़ सीओ सगड़ी सोहराब आलम ने किया सम्मानित आजमगढ़। धरती की हरियाली को सजोने का वर्षो से जतन कर रहे इफ्तेखारआजमी को  पर्यावरण दिवस पर समारोह पूर्वक सम्मानित किया गया। इफ्तेखार आजमी को सम्मानित करते हुए क्षेत्राधिकारी सगड़ी सोहराब आलम ने कहा कि इस तरह के प्रयास लगातार करने की जरूरत है। संगीत  अध्यापन का कार्य करने वाले इफ्तेखार की पहचान अजमतगढ़ क्षेत्र में वृक्ष मित्र की है। वह न केवल नये पौधे लगाते ही नही वरन पूरानों की देखभाल भी करते है। इफ्तेखार अब तक 50 हजार से अधिक पौधों का वितरण कर चुके है।  साथ ही सरकारी कार्यालयों व विद्यालयों के परिसर में हरियाली के लिए वो कटिबद्ध हैं। पौधों को लगाने के साथ ही वह जब तक मजबूत न हो जाय तब तक उनका पूरा ध्यान इफ्तेखार आजमी रखते हैं समय-समय पर पानी देना हो  या उनकी पशुओं से रक्षा करना वो हमेशा तत्पर रहते हैं। 5 जून को मार्डन पब्लिक स्कूल के प्रबंधक रवींद्र जी की पहल पर विद्यालय परिसर में एक आयोजन रखा गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में क्षे़त्राधिकारी सगड़ी सोहराब आलम मौजूद रहे उन्होने इफ...

योगी को ताज के जश्न में डूबे जिंदा गवाह

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कहीं भजन कीर्तन तो कहीं हो रहा सुंदर काण्ड का अनवरत पाठ  वर्ष 2008 के जख्म पर लगेगा मरहम सगड़ी। योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश में ताजपोशी की घोषणा के बाद से ही सगड़ी तहसील के जीयनपुर कस्बे में जश्न का माहोल है। जश्न भी योगी जी के तरीके से मनाया जा रहा है, कहीं ढोल नगाड़े तो कहीं अबीर गुलाल के साथ भजन कीर्तन व सुंदर काण्ड का अनवरत पाठ चल रहा है। ऐसा हो भी क्यों नहीं वर्ष 2008 में महंत योगीनाथ के काफीले पर जब आजमगढ़ में हमला हुआ और योगी के जिन दो करीबीयों को मार-मार के अधमरा कर दिया गया था वो दोनो ही जीयनपुर के हैं। अब योगी की ताजपोशी से सबसे ज्यादा कोई खुश है तो वो ही हैं। आजमगढ़ से योगी जी का पुराना नाता रहा है। जब-जब यहां के लोगों ने उन्हे याद किया योगी जी अपने दल-बल के साथ जनपद पहुंचने में जरा सा भी देर नहीं लगाई। उनके आजमगढ़ जाने रूट भी जीयनपुर होते हुए रहा। जब-जब उनका काफिला जनपद के उत्तरी छोर पर प्रवेश किया तो नाथ सम्प्रदाय का मठ रजादेपुर अपने पीठाधिश्वर महंथ शिवहर्ष भारती व हिंदू युवा वाहिनी के गठन से ही उसका जीयनपुर में कार्यभार देख रहे ज्ञानेंद्र मिश्र की अगुवाई में पलक प...