मृत्यु की दशा में किसानों के परिजनों को मिलेगा 12 लाख : अम्बिका चौधरी


मुआवजे की राशि 1000 से नही होगी कम
प्रदेश में फसलों का नुकसान 12 सौ करोड़ से अधिक
किसी तरह की वसूली पर दंडित होगें अधिकारी
केंद्र की गाइडलाइन से दूना मुआवजा देगी प्रदेश सरकार
आजमगढ़। जिला योजना समिति की बैठक में भाग लेने सोमवार को जनपद पहुंचे प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण व विकलांग कल्याण मंत्री अम्बिका चौधरी ने कहा है कि प्रदेश में फसलों का नुकसान 12 सौ करोड़ से अधिक के आंकड़े को पार कर रहा है। इस आपदा से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने जो अतिरिक्त राशि केंद्र से मांगी थी, केंद्र ने नहीं प्रदान की है। अपने स्तर से प्रयास करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को त्वरित सहायता देने के लिए न केवल सहायता राशि को दुगुना कर दिया है वरन मृत्यु की स्थिति में किसान दुर्घटना बीमा योजना को मिलाकर कुल 12 लाख रुपया दिये जाने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने पहला पत्र 15 मार्च को भारत सरकार को लिखा। जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार को लिखा कि उत्तर प्रदेश में फसलों का नुकसान एक हजार करोड़ से अधिक का है। अत: 5 सौ करोड़ की तत्काल सहायता प्रदेश सरकार को दी जाय। आज की तारीख में यह नुकसान बढ़कर 12 सौ करोड़ से अधिक हो गया है लेकिन अब तक उस मांग की एवज में एक भी रुपये की मदद नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि किसानों से हर तरह की वसूली को प्रदेश सरकार ने रोक दिया है। अगर इस आदेश की अवहेलना की जायेगी तो अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान पर असिंचित फसलों के लिए 4.5 हजार रुपया प्रति हेक्टेयर, सिंचित फसलों के लिए 9 हजार रुपया प्रति हेक्टेयर, 12मासी फसलों के लिए 12 हजार रुपया देने की केंद्र सरकार की गाइड लाइन थी। हमने उसमें संशोधन करते हुए इसका ठीक दूना कर दिया है। उन्होंने कहा कि किसान की मृत्यु की स्थिति में 1.5 लाख दैवीय आपदा राहत कोष से 3.5 लाख रुपया बजट से तथा मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 2 लाख व किसान दुर्घटना बीमा का 5 लाख रुपया जोड़कर प्रदेश सरकार 12 लाख रुपया देने की योजना बनायी है। उन्होने कहा कि 18 मार्च के शासनादेश में प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लिया था कि चाहे कितनी भी छोटी जोत का किसान क्यों न हो उसे 7 सौ 50 रुपये से कम का मुआवजा नहीं दिया जायेगा। तीन दिन पूर्व प्रदेश सरकार ने इसमें भी संशोधन करते हुए इस राशि को बढ़ा कर एक हजार कर दिया है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार द्वारा मांगी गयी अतिरिक्त सहायता को नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि दैवी आपदा में किसानों को किसी तरह का प्रार्थना पत्र देने की जरुरत नहीं है। सरकार लेखपालों को आदेश देकर सर्वे करा रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ने केंद्र सरकार के 33 फीसदी के नुकसान के आकलन पर मुआवजा देने की योजना में जोड़ते हुए बताया कि व्यवहारिक रुप से ओलावृष्टि के लिए यह नियम बनाया है लेकिन प्रदेश सरकार ने 25 फीसदी नुकसान पर भी मदद देने का मन बनाया है। उन्होंने कहा कि प्लाट टू प्लाट सर्वे होना जरुरी है। यह सुनिश्चि

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