बलात्कारियों को फांसी पर लटकाने का कानून आखिर कब?


कानपुर में एक पांच वर्षीय बच्ची के  साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले ने मन को झकझोर कर रख दिया है। एक हफ्ते पूर्व रेल बाजार थाना क्षेत्र से अगवा मासूम बच्ची की गैंगरेप के बाद ईंट से सिर कूंचकर हत्या कर दी गई और शव इलाहाबाद फाटक के पास खंडहर में फेंक दिया। पहले दिन रेप के बाद आरोपियों ने सिर कूंचा बच्ची बेहोश हो गई दूसरे दिन जब ये जानवर अपने अड्डे पर दुबारा पहुंचे तो दर्द से तड़पती बच्ची को जिंदा देख उसे फिर से कूंच डाले और इत्मीनान होने पर कि बच्ची की मौत हो गई है खुद ही उसके माता पिता को सूचना देने पहुंच गये। सवाल  यह है कि आखिर इतनी नृसंसता लोगों मे आ कैसे जाती है? क्या यह सिलसिला कभी  रुकेगाभी  या यूं ही मासूम बेटियां अपनी इज्जत और जान दोनो गंवाती रहेंगी। दिल्ली में निर्भया   के साथ बलात्कार के बाद बलात्कारियों को फांसी देने की मांग जोर शोर से उठी थी लेकिन उसके बाद केवल खामोशियां ही हैं। कानपुर के  फेथफुलगंज इलाके की सानिया एक गरीब तबके से है शायद उसके लिए कोई आंदोलन न हो लेकिन मानवता को शर्मसार करती यह घटना सवाल तो खड़ा ही कर रही है कि बलात्कारियों को  फांसी का कानून कब तक?
फेथफुलगंज निवासी विशाल खान की पांच साल की बेटी सानिया मंगलवार की शाम से लापता थी। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस केवल तहरीर लेकर उसे छोड़ दी। मां रूखसाना ने उस सिपाही का  नाम भी बताया जिसे उसके तहरीर दी थी।  अगले दिन मस्जिद से घोषणा कराई और खुद पिता विशाल माइक लेकर मोहल्ले-मोहल्ले बेटी की जानकारी करता रहा। गुरूवार की रात मोहल्ले के बउअन (22) ने घर पहुंच बताया कि सेंट्रल स्टेशन से कुछ दूर इलाहाबाद फाटक के पास रेलवे के खंडहर में उसने सानिया को देखा था। बच्ची के माता-पिता व मोहल्ले वाले वहां पहुंचे सानिया का शव का एक खंडहर में पड़ा था। शव अर्धनग्न था और सिर कूंचा हुआ था। मासूम सानिया को देख उसके परिजन बिलख पड़े। मौके पर खड़े जीआरपी पुलिस इंस्पेक्टर त्रिपुरारी पाण्डेय को भीड़  से ही एक युवक ने दो अन्य व्यक्तियों की ओर ईशारा करते हुए बताया कि यही दोनो सानिया को लेकर इधर आये थे।  पुलिस ने शव मिलने की सूचना देने वाले बउवन से पूछताछ शुरू की तो उसने सब उगल दिया। बउअन ने बताया कि वह सानिया को टाफी देने के बहाने बुलाकर लाया था। बाद में बच्ची को रेलवे की खंडहरनुमा कोठरी में ले गया। दोनों दोस्तों को भी  बुला लिया। फिर उसने दोस्त दीपक (19) और एक नाबालिग दोस्त के साथ बच्ची से रेप किया और फिर हत्या कर दी। बच्ची शोर न मचा सके इसलिए उसके कपड़े उसके मुंह में ठूंस दिए। इसके बाद तीनों ने मिलकर गला दबाया और सिर ईंट से कूंच दिया। लेकिन सानिया की मौत नही हुई अगले दिन दीपक अपने साथी के साथ जब पम्पिंग स्टेशन पहुंचा तो  उसे दर्द से तड़पती सानिया मिली। दीपक ने वहीं पर जमकर नशा किया और सानिया को दुबारा कूंच डाला और इत्मीनान कर लिया कि उसकी मौत हो गई है।  पुलिस ने तुरंत दीपक और तीसरे आरोपी को •ाी पकड़ लिया। बउअन और दीपक गुप्ता उर्फ सुक्खी शुक्लागंज के रहने वाले हैं और काम-धंधे के सिलसिले में बच्ची के घर के पास किराए पर रहते हैं। तीनों आरोपी स्मैक के लती बताए गए हैं। नाबालिग आरोपी हरबंश मोहाल का रहने वाला है।
सवाल यह है कि आखिर लोग इतने नृसंस हो कैसे जाते हैं? यह हमारा  भारत देश जिसके तरक्की के सपने दिखाये जा रहे हैं विकास के नये रास्ते खुल जाने के दावे किये जा रहे हैं हकीकत में भी  कहीं कुछ हो रहा है क्या? मासूम सानिया महज एक टाफी की लालच में जानवरों का शिकार बन गई? यही हमारे देश के विकास की सच्चाई है? जहां चार आने की टाफी पर बेटियां इज्जत और जिंदगी दोनो गवां बैठती हैं। बलात्कारियों में एक दीपक नाबालिग है उसकी जगहं स्कूल में होनी चाहिये थी लेकिन वह स्मैक का नशेड़ी अपराध का ककहरा पढ़ रहा है। भ  ही आरोपी गिरफ्तार हो गये हों लेकिन यह सवाल खड़ा है कि बलात्कारियों को फांसी पर लटकाने का कानून कब बनेगा?

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