महात्मा गांधी और महिला उत्थान कबीरदास और महिला उत्थान जमनालाल बजाज और महिला उत्थान विनोबा भावे और महिला उत्थान बाबा आम्टे और महिला उत्थान श्रीराम शर्मा और महिला उत्थान आचार्य पांडुरंग शास्त्री और महिला उत्थान आठवले ईश्वरचंद्र विद्यासागर और महिला उत्थान धोंडो केशव कर्वे और महिला उत्थान बाल गंधाधर जांभेकर भीमराव अम्बेडकर एनी बेसेण्ट विट्ठल रामजी शिंदे गोपाल हरि देशमुख कान्दुकुरी वीरेशलिंगम विजयपाल बघेल गोपाल गणेश आगरकर विनायक दामोदर सावरकर जयानन्द भारती केशव सीताराम ठाकरे रघुनन्दन भट्टाचार्य राजा राममोहन राय
मुझे तो आखिरी घर तक दिया जलाना है
बदलाव इस विद्यालय के आगे कॉन्वेंट भी शर्माते हैं बासूपार बनकट का प्राथमिक विद्यालय बना रोल माडल प्रधान व प्रधानाध्यापक ने मिलकर बदली सूरत प्रदीप तिवारी आजमगढ़। किसी की जिद और अपने लक्ष्य के प्रति जुनून क्या कुछ नही करवा सकता यह एहसास होता है उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के एक स्कूल प्राथमिक विद्यालय बासूपार बनकट को देखकर। गांव की महिला प्रधान व उनके पति तथा विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित पूरे स्टाफ ने कायाकल्प नही पूरे विद्यालय की काया ही पलट कर दी, जिसे देखते ही हर कोई कह उठता है साहब ! इस स्कूल ने तो कान्वेंट विद्यालयों को पीछे छोड़ दिया है। सगड़ी तहसील के मुख्यालय से लगभग 1 किलोमीटर के अंदर ही बासूपार गांव की सरहद शुरू हो जाती है लेकिन यह गांव अपने बुनियादी विकास से कोसो दूर था। पूरे गांव की आबादी लगभग 200 घरों की है, बहुतायत मुस्लिम और अनुसूचित जाति के परिवार हैं। आज से तीन साल पहले की बात करें तो गांव के हर घर के बाहर एक छोटा गड्ढा होता था जिसमें घर का गंदा पानी इकट्ठा होता था और लोग उसे रोज उलीचा करते थे। पूरा गांव गंदगी से जूझता हुआ जल निकासी की समस्या से बजबजाता रहत...
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