आजमगढ़ में सीएम का दौरा
वह जिल्लत और यह अहसास !
प्रदीप तिवारी
आजमग़ढ। सीएम क¢ द©रे क¨ लेकर पूरा प्रशासन त्©यारिय¨ं क¨ अंतिम रुप देने में जुटा हुआ है। किसी स्तर पर क¨ई कसर न रह जाय इसकी खास पड़ताल की जा रही है। शुक्रवार क¨ जिलाधिकारी क¢ एक पहल ने पिछली सरकार अ©र वर्तमान सरकार क¢ बीच एक ब़ड़े अंतर क¨ उजागर कर दिया। डीएम ने पत्रकार¨ं से कहा कि चलिए कार्यक्रस्थल पर वहीं देख लिया जाय कि क्या- क्या कमी रह गई है अ©र क्या- क्या किया जा सकता  है? अ©र एक वह जमाना था जब सीएम क¢ द©रे पर पत्रकार¨ं क¨ भ्¨़ड़ बकरिय¨ं की तरह बाड़े में बंद कर दिया गया था।
जनपद में इसक¢ पूर्व मुख्यमंत्री क¢ रुप में मायावती का आगमन हुआ था। मायावती क¢ द©रे क¨ अगर पत्रकार याद करते हैं त¨ उनक¢ आंख¨ं क¢ सामने वह मंजर नाच उठता है जब शहर स्थित कांशीराम आवास क¢ निरीक्षण क¢ समय दस फुट लम्बे च©ड़ बाड़े में पत्रकार¨ं क¨ बंद कर दिया गया था। इतना ही नहीं क¨ई पत्रकार मुख्यमंत्री क¢ आसपास न फटक जाय इसक¢ लिए द¨ तेज तर्रार सब इंसपेक्टर लगाये गये थ्¨ ज¨ किसी क¨ ी उस बा़े से बाहर निकलने नहीं दे रह¢ थ्¨। कुछ पत्रकार¨ं ने हिमाकत की त¨ उन्हे जबरन बाड़े में रहने क¢ लिए ही मजबूर कर दिया गया। तत्कालीन एडीएम प्रशासन दिव्य प्रकाश गिरी क¨ इसकी विश्¨ष जिम्मेदारी ही स©ंप दी गयी थी। उस समय की मुख्यमंत्री मायावती क¢ दर्शन क¢ लिए क¢वल अस्पताल पर पत्रकार¨ं व फ¨ट¨ग्राफर¨ं क¨ अनुमति थी। सदर तहसील क¢ निरीक्षण क¢ द©रान इतनी बैरीक¢डिंग की गयी कि पत्रकार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी क¢ रुप मंे छिप छिपाकर मुख्यमंत्री क¢ निर्देश¨ं क¨ सुनते देख्¨ गये। मुख्यमंत्री क¢ द©रे का आतंक यह रहा कि जब मायावती लालगंज तहसील क¢ गांव क¢ द©रे पर पहुंची त¨ उस गांव क¢ घर¨ं क¢ दरवाज¨ं पर बाहर से कुण्डी च़ढ़ा दी गयी अ©र दरवाज¨ं क¢ बाहर एक-एक बंदूकधारी सिपाही तैनात कर दिया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री क¢ द©रे अ©र वर्तमान मुख्यमंत्री क¢ कार्यक्रम में जमीन आसमान का अंतर दिख रहा है। शुक्रवार क¨ जब जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने पत्रकार¨ं क¢ समक्ष यह प्रस्ताव रखा कि क्य¨ं न कार्यक्रम स्थल पर ही पहुंच कर सारी बातें समझ ली जायं अ©र एक-एक बिंदु पर चर्चा कर ली जाय अ©र क्या- क्या किया जा सकता है इस पर विचार कर लिया जाय त¨ सभी क¢ आंख¨ं क¢ आगे वह मंजर नाच उठा जब पत्रकार¨ं क¨ बा़ड़े में बंद कर दिया गया था। पुरानी जिल्ल्त के एहसास में ख¨ए पत्रकार¨ं क¨ डीएम का प्रस्ताव सुखद एहसास सा लगा।


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